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जनरल बिपिन रावत : हेलीकॉप्टर हादसे के चशमदीद ने क्या-क्या देखा?

मैंने अपनी आंखों से सिर्फ़ एक आदमी को देखा. वो जल रहे थे और फिर वो नीचे गिर गए. मैं हिल गया.”

ये जानकारी कृष्णास्वामी ने दी. वो बुधवार को हुए उस हेलिकॉप्टर हादसे के प्रत्यक्षदर्शी हैं, जिसमें देश के पहले चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टॉफ़ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत की मौत हो गई.

इस हादसे में जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत और हेलिकॉप्टर में सवार रहे 11 अन्य लोगों की भी मौत हो गई. हादसे में जीवित बचे इकलौते शख्स हैं ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह. उनका इलाज चल रहा है.

वायुसेना ने बताया है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है

हादसे के गवाह रहे कृष्णास्वामी 68 साल के हैं. जहां हादसा हुआ, वो उस जगह के क़रीब रहते हैं. उन्होंने पूरी घटना को बयान किया.

प्रत्यक्षदर्शी ने क्या देखा?

उन्होंने बताया, “मेरा नाम कृष्णास्वामी है. मैं नानजप्पा सैथिराम का रहने वाला हूं. मैं घर के लिए लकड़ी लेने निकला था. घर में पानी था क्योंकि पाइप टूटा हुआ था. चंद्रकुमार और मैं इसकी मरम्मत कर रहे थे. तभी हमें ज़ोर की आवाज़ सुनाई दी.”

वो आगे बताते हैं, “धमाके से बिजली के खंबे तक हिल गए. पेड़ उखड़ गए. जब हमने देखा कि ये क्या हुआ तब धुआं उठ रहा था, इसने सारी इलाके को ढक लिया था. वहां धुंध भी छाई थी. पेड़ के ऊपर आग की लपटें उठ रही थीं. मैंने अपनी आंखों से सिर्फ़ एक आदमी को देखा. वो जल रहे थे और फिर वो नीचे गिर गए. मैं हिल गया. मैं दौड़ता हुआ वापस आया और मैंने लोगों से कहा कि वो दमकल और पुलिस को बुलाएं. कुछ देर बाद अधिकारी भी आ गए. उसके बाद मैंने शव को ले जाते नहीं देखा. मैं सदमें था. घर आया और लेट गया.”

आखिरी सफ़र

जनरल रावत और उनकी पत्नी समेत 14 लोग भारतीय वायु सेना के एमआई-17वी5 (Mi-17V5) हेलिकॉप्टर में सवार थे. ये हेलिकॉप्टर तमिलनाडु के कुन्नूर में क्रैश हो गया.

ये हेलिकॉप्टर सुलुर के आर्मी बेस से निकला था और जनरल रावत को लेकर वेलिंगटन सैन्य ठिकाने की ओर बढ़ रहा था.

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