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कभी हिंसा और संघर्ष के लिए जाना जाने वाला अबूझमाड़ अब धावकों के कदमों से गूंजेगा: महेश कश्यप

सांसद ने खिलाड़ियों को दो शुभकामनाएं.

बस्तर, नारायणपुर 01 मार्च। नक्सल खतरे की छाया से बाहर आकर, छत्तीसगढ़ का सबसे बुरी तरह उग्रवाद प्रभावित नारायणपुर जिला अब अबूझमाड़ शांति हाफ मैराथन की मेजबानी के लिए लोकप्रियता हासिल कर रहा है।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में इस वर्ष भी अबूझमाड़ महोत्सव के तहत दो मार्च को अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का भव्य आयोजन होगा। हाफ मैराथन का शुभारंभ सुबह साढ़े पांच बजे से हाईस्कूल ग्राउंड, नारायणपुर में होगा। इसका आयोजन छत्तीसगढ़ शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, जिला प्रशासन, जिला पुलिस नारायणपुर और अन्य संस्थानों के सहयोग से किया जा रहा है। “अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति और शांति का संदेश देने का भी माध्यम है।”

बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने इस भव्य आयोजन हेतु प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों से नारायणपुर में शांति लौट रही है और विकास कार्य दिखने लगे हैं। साथ ही खेल गतिविधियों को भी पहचान मिल रही है।

नक्सलवाद से निपटने के लिए चल रहे प्रयासों के तहत नारायणपुर प्रशासन और जिला पुलिस संयुक्त रूप से 2 मार्च को अबूझमाड़ शांति हाफ मैराथन का आयोजन कर रहे हैं।

यह आयोजन सिर्फ़ एक मैराथन नहीं है, बल्कि यह इस क्षेत्र की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। यह मैराथन शांति, एकता और विकास का संदेश देती है, जिसका उद्देश्य अबूझमाड़ को उसके पिछले संघर्षों के ज़रिए नहीं बल्कि खेलों और चैंपियनों की भूमि के रूप में फिर से परिभाषित करना है।

इस आदिवासी बहुल जिले के युवाओं में खेल प्रतिभा की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन नक्सली खतरे के कारण उन्हें अवसर नहीं मिल पाते। छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन ने इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने और स्थानीय युवाओं की क्षमता को निखारने के लिए कई पहल की हैं और अभी भी कर रहे हैं।

हाल ही में बस्तर ओलंपिक में अबूझमाड़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। इसी लय को आगे बढ़ाते हुए हाफ मैराथन युवा प्रतिभाओं को नया मंच देने जा रही है। कभी हिंसा और संघर्ष के लिए जाना जाने वाला अबूझमाड़ अब धावकों के कदमों से गूंजेगा।

21 किलोमीटर की मैराथन दौड़ का मार्ग नारायणपुर हाई स्कूल ग्राउंड से शुरू होकर ओरछा ब्लॉक के बासिंग गांव में समाप्त होगा। प्रतिभागी घने जंगलों और पहाड़ी रास्तों से होकर दौड़ेंगे, जिससे मैराथन न केवल शारीरिक सहनशक्ति की परीक्षा होगी, बल्कि प्रकृति की चुनौतियों और सुंदरता का अनुभव करने का अवसर भी मिलेगा।

अब तक 8,000 से ज़्यादा धावक ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय युवाओं, सुरक्षा बलों और आम जनता में इस आयोजन को लेकर उत्साह साफ़ देखा जा सकता है।

इस प्रतिष्ठित मैराथन में राज्य, देश और विदेश के लगभग 15-16 हजार धावक हिस्सा लेंगे

इस मैराथन में विजेताओं को कुल 15 लाख 84 हजार रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। विभिन्न श्रेणियों में आयोजित होने वाली हाफ मैराथन के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
इस आयोजन हेतु मै छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया श्री विष्णु देव साय सहित उनके मंत्रिमंडल ,जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करता हु। साथ ही इस आयोजन में शामिल हो रहे सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।

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